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Tuesday, June 5, 2018

फिटगार..

पयाॅ कि डाळि मा हिता कु वास
कुळे मा सीता कु वास,
पीपळ मा विष्णू, केळा मा गणेश,
देवदार मा देवी, चॅदन मा नाग,
बाॅजा डाळी तैळ काळी कु वास,
बुरान्सा डाळी तैळ पिटुळी कु वास,
भ्यॅूल मा भैरव, ग्वीराळ मा गुरील,
नासपती मा नरसींग, भेडू मा वीर,
अर सुरैई डाळी मा शिव छन बस्याॅ।
अब तुमन डाळी कटणें, त काटी ल्या
पर कटण से पैली जरा सोची ल्या!
या देवभूमी च, हर डाळी मा
देवतों कु वास, अर देवतों कू बौल्यूॅ
डाळी नि कट्याॅ!
आजकल मेरू लगणू बडू फिटगार।।
अतुल गुसाईं जाखी (सर्वाधिकार सुरक्षित)