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Thursday, March 30, 2017

क्या ब्वन तब!


मिन
अपणा बुबा जी थै पूछी
कि बाबा तुमन पौढ़ी
किलै नीच?
बाबन बोली!
ब्यटा घौर मा
खाणा कु कुछ नि छौ
बचपन कमाण मा गुजरी गै
अर  ज्वनी त्वै पढ़ाण मा।
मिन
अपणा ब्यटा थै पूछी
तु पढै किलै नि करदी बे?
बल! पापा-
स्कूल मा
मिड-डे-मील खै की
पोटगी भुरे जान्द
अर
फिर निन्द ऐ जान्द।
अतुल गुसाई जाखी (सर्वाधिकार सुरक्षित)