Tuesday, June 25, 2019

उत्तर प्रदेश बटि ल्यै छा बल्देणु उत्तराखण्ड...

उत्तर प्रदेश बटि ल्यै छा बल्देणु उत्तराखण्ड अर
सोचि छो कि खूब रऽजलु-फऽबलु दुणासु होलु घीं - दूध बरखोलु। पर यरां कख छा लैणा जोग। आज सु बाखड्या ह्वैगी नौणे गोन्खि आस स्याणि बणीक हि रैगि।बल्देणु उत्तराखण्ड / सुधीर बर्त्वाल

Sunday, May 12, 2019

गढ़रत्न नरेन्द्र सिंह नेगी जी की कविता वै रै होलि पे मेरा पोस्टर


अधरेणू धोतुडु,
गुजमैलो बिलोज
चिर्यू पठग्वा,
मटळण्या मुंडासु
छिंगर्या लटुला,
दरदरि गात
तिडयां हथ खुटा
पसीन्यै बास
बस-बस मिल
पछ्याणाली
वै रै होलि
मयाळो सुभौ
अर क्वांसा पराणै
मेरी ब्वे!

Monday, May 6, 2019

ऊंची जाति के लोगों ने पीट-पीट कर मार डाला..

दलित युवक ने पास में बैठकर खाना खाया तो ऊंची जाति के लोगों ने पीट-पीट कर मार डाला.
उत्‍तराखंड के न्‍यू टिहरी से एक ऐसी खबर आई, जो बहुत कुछ सोचने पर मजबूर करती है। आर्थिक तरक्‍की और विकास के चेहरे पर वह किसी बदनुमा दाग की तरह है। हम एक तरफ सामाजिक समरसता के तमाम दावे करते हैं, ये बात अलग है कि समाज में जातिगत भेदभाव और दलितों के साथ दुर्व्‍यवहार का मामला खत्‍म होने का नाम नहीं ले रहा। यहां एक दलित युवक की कुछ ऊंची जाति के लोगों ने कथित तौर पर सिर्फ इसलिए बुरी तरह पिटाई कर दी, क्‍योंकि उसने एक शादी समारोह के दौरान उसने उन लोगों की बगल में बैठकर भोजन करने की 'हिमाकत' की थी।

Monday, January 28, 2019

सच ब्वन त....



सच ब्वन त
न ये देश का गण सही
न यखो तंत्र....
गरीबों तक अपणी बात त 
पौछै देन्दा तुम!
पर
गरीब तुम तक अपणी बात पौछै साकू
कुछ त बणावा, यनु यंत्र
अतुल गुसाईं जाखी

Thursday, October 4, 2018

वा घस्यारी...

व घस्यारी नि दिखेन्द
अब डॉडि-काठ्यूॅ मा,
उकाळ,उंदार, बाटा-घाटों मा,
ज्वा!
छुणक्याळी दाथुड़ी
ले कि आन्दी छै, बणों मा।।
अर्बी घास कटदी छै,
अर गीत लगान्दी छै
ज्वा चाठौं- पाखों मा।।
शायद वींकि-
दाथुड़ी ख्वींडि ह्वे गै होली,
या दाथुड़ी हरची गै होली,
या फिर-
वींन गोर-भैसा बिकैयाली होला
या फिर वा-
दूर चली गै होली परदेश
अपणा स्वामी का संग मा।।
सुचणू च पतरौळ
बांजा हुयां छन,
छन, मरूड़ी, गौऊ खोळ,
यखुली-यखुली भटकणू च,
बणों मा आज पतरौळ ।।
अतुल गुसाईं जाखी (सर्वाधिकार सुरक्षित)


Sunday, September 23, 2018

हे मेरी आंख्युं का रतन..

हे मेरी आंख्युं का रतन बाला स्ये जादी,बाला स्ये जादी दूध भात दयोलू मी ते तैन बाला स्ये जादी-२ हे मेरी आंख्युं का रतन बाला स्ये जादी-४ मेरी औंखुडी पौन्खुड़ी छै तू, मेरी स्याणी छै गाणी मेरी स्याणी छै गाणी मेरी जिकुड़ी उकुड़ी ह्वेल्यु रे स्येजा बोल्युं मानी स्येजा बोल्युं मानी