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Tuesday, June 25, 2019

उत्तर प्रदेश बटि ल्यै छा बल्देणु उत्तराखण्ड...

उत्तर प्रदेश बटि ल्यै छा बल्देणु उत्तराखण्ड अर
सोचि छो कि खूब रऽजलु-फऽबलु दुणासु होलु घीं - दूध बरखोलु। पर यरां कख छा लैणा जोग। आज सु बाखड्या ह्वैगी नौणे गोन्खि आस स्याणि बणीक हि रैगि।बल्देणु उत्तराखण्ड / सुधीर बर्त्वाल

Friday, April 7, 2017

च्यो जरूरी च...

हमरा चैका पगार रौड़
अर पगार खित हैंसी
मिन बोली!
मेरी पाॅच लाखे कूड़ी घाम लागे छै
अर तु हॅसणी छै।
बल-
कूड़ी इथगा ही फिकर रैन्दी त
पाॅच लाख वे फर लगैन
त द्वी लाख मी फर भी लगेदेन्दी।।
अतुल गुसाईं जाखी( सर्वाधिकार सुरक्षित)

Friday, August 5, 2016

लव लैटर

जब भी म्यारु दिल उदास होन्दु
जब मी भारी दुःख होन्दु
तब मी वींकु दियूँ लव लैटर
पौढ़ी देन्दु।
अर पौढ़ी की ऊ लव लैटर
मि खित हैंसी जांदू।
लव लैटर पौढ़ी की मी
ऊ जमानु याद ऐ जांद
जब स्कूल मा...
किताबों से ज्यादा !
वींकु मी फर अर म्यार वीं फर
रौंद छौ ध्यान,
वे टैम फर वा अफ थै काजोल
समझदी छै ,
अर मी सलमान खान।
हालत यु छन वर्षो बाद
उ सलमान खान दिल्ली मा
भांडा मजाणू च ,
अर काजोल सरकरी ध्याड़ी कनी च।
निर्भगी माया निर्भगी माया
न त्वे जनै छाया, न मी जनै छाया
न त्वेन कुछ पाया न मैन कुछ पाया।
अतुल गुसाईं जाखी (सर्वधिकार सुरक्षित)

Friday, July 29, 2016

फिकर शब्द जु शब्द आज हरचण वटी गे...

गढ़वाळी मनखी ही न,
गढ़वाळी शब्द भी ईमानदार छन,
फिकर बिचरी त शर्मा खातिर
या फिर हम फर दया खै की,
कभी चली गे छै।
लोग त अब बिगर बाती कु
टेंसन लेणा छन।
सर्वाधिकार सुरक्षित @ अतुल गुसाईँ

Thursday, June 30, 2016

एक ही दुःख हो त...

एक ही दुःख हो
त त्वे मा बोल मी,
सिर्फ जिकुड़ी उदास हो
त त्वे मा बोल मी,
यख त आंख्यों मा
बारा मैना बसग्याळ लग्यूं
सिर्फ सौण भादो कि बात हो
त त्वे मा बोल मी।
अपणा बिरणा सब्बी रुठ्यां छन
सिर्फ नरों की बात हो
त त्वे मा बोल मी,
यख त देवता भी दोस लग्यां छन
सिर्फ भूत पुज्ये की बात हो
त त्वे मा बोल मी।
त्वे मा बोली की अगर
म्यारा दुःख कम हुंदिन
त आज सरी रात
ख़ैरि कि बात त्वे मा
लगे द्यों मी।
सर्वाधिकार सुरक्षित @लेख. अतुल गुसाईं जाखी