Sunday, September 23, 2018

हे मेरी आंख्युं का रतन..

हे मेरी आंख्युं का रतन बाला स्ये जादी,बाला स्ये जादी दूध भात दयोलू मी ते तैन बाला स्ये जादी-२ हे मेरी आंख्युं का रतन बाला स्ये जादी-४ मेरी औंखुडी पौन्खुड़ी छै तू, मेरी स्याणी छै गाणी मेरी स्याणी छै गाणी मेरी जिकुड़ी उकुड़ी ह्वेल्यु रे स्येजा बोल्युं मानी स्येजा बोल्युं मानी

Monday, July 2, 2018

ईश्वर इन सबकी आत्मा को शांति प्रदान करे...

पौड़ी जिले के धुमाकोट के निकट--मिनी बस 28 सिटर में 55 सवारी थे।। हादसे मैं सभी की मौत,, बताया जा रहा है एक ही परिवार के 11 लोग इस बस मैं थे। ईश्वर इन सबकी आत्मा को शांति प्रदान करे।।।

Sunday, June 17, 2018

बाॅलीवुड के मशहूर सिंगर और उत्तराखण्ड की शान ...

बाॅलीवुड के मशहूर सिंगर और उत्तराखण्ड की शान जुबिन नौटियाल जो कि आजकल एक विवादों में फसे हैं। उन पे एक लडकी ने छेडखानी का आरोप लगाया है वो भी उन के बर्थडे पार्टी जब उन के परिवार के सारे सदस्य उन के साथ थे और पूरा रेस्टूरेंट उन्होने बुक कराया था। जिस लडकी ने उन पे छेडखानी का आरोप लगाया है उस के लिए कोई निमं़त्रण नहीं था। जब उस लड़की के लिए कोई निमंत्रण ही नहीं था फिर वो और उस का साथी वहा किस लिए सामिल हुए ये सोचने के लिए मजबूर करता है। मुझे नहीं लगता कि कोई अपने परिवार के सामने इतनी गिरी हुई हरकत करेगा वो भी एक सूपर स्टार । मैने कल जुबिन भाई से काफी लम्बी बात की उस दिन क्या हुवा था कैसे हुवा सब, मुझे नहीं लगता कि उन्होने ऐसी हरकत की होगी। वो भी वो शक्स जिसके रक्तों में गढ़वाल का खून दौड़ रहा वो, वो अपने परिवार वालों के सामने ऐसी हरकत नहीं कर सकता है।





Tuesday, June 5, 2018

फिटगार..

पयाॅ कि डाळि मा हिता कु वास
कुळे मा सीता कु वास,
पीपळ मा विष्णू, केळा मा गणेश,
देवदार मा देवी, चॅदन मा नाग,
बाॅजा डाळी तैळ काळी कु वास,
बुरान्सा डाळी तैळ पिटुळी कु वास,
भ्यॅूल मा भैरव, ग्वीराळ मा गुरील,
नासपती मा नरसींग, भेडू मा वीर,
अर सुरैई डाळी मा शिव छन बस्याॅ।
अब तुमन डाळी कटणें, त काटी ल्या
पर कटण से पैली जरा सोची ल्या!
या देवभूमी च, हर डाळी मा
देवतों कु वास, अर देवतों कू बौल्यूॅ
डाळी नि कट्याॅ!
आजकल मेरू लगणू बडू फिटगार।।
अतुल गुसाईं जाखी (सर्वाधिकार सुरक्षित)

Wednesday, May 23, 2018

मगरों मा पाणी नी....

मगरों मा पाणी नी
नवोळा सूखी गैनी
काटी की डाळी बोटी
खेती-बाड़ी रौड़ी गैनी।।

डाॅड्यों मा अंयार नी
कांठियों मा बुरान्स नी
काटी की डाळी-बोटी
खाली धार टरकणा छन।।

रौला-गदिना औन्दा नी
छोया दुळौ फुटदा नी
बसग्याळ अब लगदू नी
कुयेड़ी अब चलदी नी।।

बिन पाणी फूल खिलदा नी
पुंगड़ो नाज हूणू नी
काटी की डाळी बोटी
खेती-पाती बांजा छन।।

पहाड़ ह्वे गे निरपाणी
सिमार कखी बड्दू नी
काटी की डाळी बोटी
फुलंगो अब फुल्दो नी।।

पौन अब चलदू नी
छैलू कखी दिखेन्दू नी
काटी की डाळी बोटी
बटोई चैरी बैठदू नी।।

हैरू घास जमदो नी
फ्यूंली पाखों खिलदी नी
लगे की बणों मा आग
गौड़ी-भैसी रमणा छन।।

काग अब करांदू नी
घुघती कखी घुरान्दी नी
लगे की बणों मा आग
चखुलों का घोल हरची गिन।।

काटी की डाळी बोटी
ढ़ौडा-धारा रौड़ी गैनी
लगे की बणों मा आग
खेन्दुड़ा-चखुला दौड़ी गैनी।।

फिर भी विणास कनू
वणों कू हरास कनू
काटी की डाळी बोटी
मनखी अपणो ही नाष कनू।।
अतुल गुसाईं जाखी (सर्वाधिकार सुरक्षित)