Sunday, October 19, 2014

सब्बी भाई बैणियों तै यगास अर बगवाळ की शुभकामनाये।

सब्बी भाई बैणियों तै यगास अर बगवाळ की शुभकामनाये। दिया जलाण ओळी दीदी भुलियों तै मेरी शुभकामना। खोळा खोळू मा भूडा पकोड़ा बंटदरों तै, मेरी शुभकामना। गौड़ी बाछियों कु पीना बोटदरों तै, मेरी शुभकामना। पीना मा कू फूल खोज्यान्दरा छोरों तै, मेरी शुभकामना। बाछी कू माळा गछ्याण ओळी भुल्ली कु, मेरी शुभकामना। भैला बाणाण ओळा बोड़ा तै, मेरी शुभकामना। गैड बोटदरों अर घसरियों तै, मेरी शुभकामना। पंचेत चौक मा मंडाण लगाण ओळ दासों तै, मेरी शुभकामना। कखी अन्धेरू नि हो, घर घरों मा जगदू दिया हो, या मेरी दिल से च मनोकामना।।

Sunday, October 5, 2014

पांच पंच उत्तराखंड का..

उत्तराखण्ड का पांच पंचू मा
पैलू पंच पौडी बटी,
बडू ईमानदार च बल।
नेपालियों कू मायादार च बल।।
दुसरों पंच हरीद्वार बटी,
पौंछियों गळिदार च बल।
सफलता का अचूकमन्त्र छन येमा,
पटियाला सूटा कु बोल्दू,
यू चुडी दार सुलार च बल।।
तिसरी पंच टेहरी बटी...
लक्ष्मी अवतार च बल।
दया दान कुछ नि करदी,
भीतर पैसों कु भण्डार च बल।।
चौथू पंच अल्मोड़ा बटी...
बड़ो भारी ठेकदार च बल,
उत्तराखंड मा कबि कभार आन्दु
उत्तराखंड वेकू ससुराल च बल।
पांचो पंच क्य बोन......
जैका काम खोजी खोजी
आज तक नि मिलिनी
ऊ भगत दा च बल।।
अतुल गुसाईं(सर्वाधिकार सुरक्षित)


Friday, October 3, 2014

मोदी जी कु भारत सफाई अभियान

आम आदमी कू झाडू छीनी।
कांग्रेस कु गांधी रे।।
भारत कु ध्यान छीनी।
चलण वटी गे मोदी जी कू,
सफाई अभियान रे।।
सिर्फ नौ आदिम न,
पूरा मुल्क लगावा जान रे,
सफल होलू तब, मोदी जी कू,
सफाई अभियान रे।।
नौ आदिम तुम भी जोड़ा
नौ हम भी जोड़ाला,
कसम खावा गन्दगी
कखी नि फ़ैलौला।।
गौऊ ग्वीना साफ होला
नंगी खुट्टी कखी भी जौला,
साफ रौला स्वस्थ रौला।
सुबेर होली सबों कु भोला।
बस निवेदन च
ये गरीब गुसाईं कू ..
इन नि बुल्यां सफाई कनू कू
मी कु नि बोला।।
अतुल गुसाईं जाखी(सर्वाधिकार सुरक्षीत)


Wednesday, July 23, 2014

प्रधनी बौ द्वी मैना...

प्रधनी बौ द्वी मैना मा माला माल ह्वे गे, सोना इथगा सस्तू भी नि ह्वे... नाका की फुल्ली ज्वान, बुलाक ह्वे गे।। ब्याली तक दिन कटेणा छा सीला वोबरी। माटा कुड़ी आज लैन्टरदार ह्वे गे। ब्याली तक गलणों फर छाया पुणीं छै, आज बौ लाल चचग्वार ह्वे गे। परसी ई बात फर गाऊ मा बबाल ह्वे गे। ये अतुलल जरसी क्य बोली कि मेरु कपाळ लाल ह्वे गे। सर्वाधिकार सुरक्षित(अतुल गुसाईं)

Friday, July 4, 2014

गाळी खाणा दिल कनू।

मेरा गौंऊ मा एक चौरी चौरी मा पिपळा डाळी आज बैठी की पिपळा डाळी तैळ हवा खाणो दिल कनु। क्वी भुल्ला नवोळा जांदू, ठण्डू पाणी ले की आन्दू, आज नवोळा पाणी पीणा कु दिल कनु। तैल सार बटी हल्या बोडा आन्दू, चौरी मा थौ विसान्दु, आज हळय बोड़ा दगड बीड़ी फुकणा कु दिल कनु। कखी बटी सुबदनी बोड़ी आंदी द्वी चार भल्ली द्वि चार खोटी सुणादी, आज सुबदनी बोड़ी का गिच्चा की गाळी खाणा दिल कनू।।


Tuesday, July 1, 2014

औऊ... तेरा हाथों मा मेहंदी


औऊ... तेरा हाथों मा मेहंदी लगे द्यों।
कभी न छुटो जु रंग इन माया कु रंग लगे द्यों।
तु बोलदी कि मी मायादार नि छौ
आज तेरा हाथों का हर रेखा मा,
अपणु माया कु रंग जमे द्यों।।

लिपी द्यों त्वे तै माया का रंग मा,

टीपी द्यों त्वे तै अपणा अंग अंग मा।

देख आज मेरु मेहंदी कु माया कु रंग।
सात जुगूं तक रालू, तेरु मेरु संग।।
अतुल गुसाई