Monday, January 8, 2018
Sunday, December 31, 2017
क्य कन त....
लैंदी गौड़ी अगर भेळा लमड़ी जौ क्य कन त
दुःख मा अपणा लोग समणी नि रौ क्य कन त।।
फंड-बौनस यूॅ फर लगे की बुड्येंदां बेरोजगार हुयॉ छा
नौना पढ़े-लिखे की अगर लत्थी चोट मार क्य कन त।
रिटायरमेन्ट का बाद कुछ धर्यूॅ रौंद त काम आन्द
अब बीड़ी ठुड़ी टीपी-टीपी पेणा छां क्य कन त।।
ब्वारी भी ठिक छै बल यॉ सी पैली खुट्टा दबे देंदी छै
अब वा भी गौळ दबाणा खुण आणी क्य कन त।।
कैकू भी क्य ब्वन अपणो ही सट्ठी बूखो च।
अर ऊ बूखो भी पीनो-कल्चौणी काम नि आणू क्य कन त।
वीं ठिक छन जौकी औलाद नी रे भुला जाखी,
छैंद औलादा बाद भी रोण हुयूॅ क्य कन त।।
अतुल गुसाईं जाखी (सर्वाधिकरा सुरक्षित)
Thursday, December 21, 2017
फैदा क्य......
म्वर्ना बाद मुर्दा स्वर्ग जान्द कि नर्ग कै थै क्य पता
फिर शमसाण घाट तक रस्ता बणियां कु फैदा क्य।।
गौऊ का रस्तों मा सीमेन्ट लग्यॅू, मत्थी बटी मोळ घमयूॅ
जब मोळ मा ही हिटण लोळा त सीमन्ट लग्यॉ फैदा क्य।।
बरातीघर बण्यॉ गौऊ- गौऊ मा, बरात बैठीं ब्योली चौक मा
अर बराती घर भितर जुवरी, तस्यौर इन बरात घर कु फैदा क्या।।
बिजली पोल तार लग्यॉ छन गौऊ मा, झूला खेलणा छन बांदर
अर जब ऊ फर बिजली नि आण त तार लग्यॉ कु फैदा क्य।।
पाणी पाईप लाइन आई च दूर धार-खाळ बटी, पर पाणी नी
अर स्टेंट पोस्ट मा जग्वाळ बैठ्यॉ कुकर, इन पाईपलैना पैदा क्य।।
चकबंदी हुई सारियों का ओर-पोर, अर उज्याड़ जयां गोर
जब उज्याड़ ही खयेंण सरी सार, फिर चकबंदी कु फैदा क्य।।
बजट अयूॅ छौ खाळ बणणा कू, अर खाळ बण्यॉ धार मा
अर जब वख पाणी नि रूकण त खाळ बण्यॉ फैदा क्या।।
अतुल गुसाईं जाखी (सर्वाधिकरा सुरक्षित)
फिर शमसाण घाट तक रस्ता बणियां कु फैदा क्य।।
गौऊ का रस्तों मा सीमेन्ट लग्यॅू, मत्थी बटी मोळ घमयूॅ
जब मोळ मा ही हिटण लोळा त सीमन्ट लग्यॉ फैदा क्य।।
बरातीघर बण्यॉ गौऊ- गौऊ मा, बरात बैठीं ब्योली चौक मा
अर बराती घर भितर जुवरी, तस्यौर इन बरात घर कु फैदा क्या।।
बिजली पोल तार लग्यॉ छन गौऊ मा, झूला खेलणा छन बांदर
अर जब ऊ फर बिजली नि आण त तार लग्यॉ कु फैदा क्य।।
पाणी पाईप लाइन आई च दूर धार-खाळ बटी, पर पाणी नी
अर स्टेंट पोस्ट मा जग्वाळ बैठ्यॉ कुकर, इन पाईपलैना पैदा क्य।।
चकबंदी हुई सारियों का ओर-पोर, अर उज्याड़ जयां गोर
जब उज्याड़ ही खयेंण सरी सार, फिर चकबंदी कु फैदा क्य।।
बजट अयूॅ छौ खाळ बणणा कू, अर खाळ बण्यॉ धार मा
अर जब वख पाणी नि रूकण त खाळ बण्यॉ फैदा क्या।।
अतुल गुसाईं जाखी (सर्वाधिकरा सुरक्षित)
Friday, October 13, 2017
उटपटांग फैशन
लोग ब्वना छन कि कलयुग लग्यू च
पर कुछ नौनियों थै देखी मी लगणू
अरे अभी त!
आदिम युग चलणू च।।
हाथों मा न चूड़ी,
खुट्यों मा न पैजी,
माथा फर न बिन्दी,
नाक मा न फुल्ली,
न गलोबन्द, न बुलाक,
न तिलहरी न सीसफूला
गात पर-
न धोती न पढगो,
न कुर्ता न पैजमी,
न साड़ी न सुलार।।
कै थै क्वी शर्म न लाज
उटपटांग फैशन कु हुयूॅ नंगू नाच,
अर नंगी ह्वे की
कथगा सभ्य ह्वे गे समाज।
पर यूॅ थै क्य पता
कि यूॅका बाना कथगै दरजी
भूखी म्वर्ना छन आज।।
अतुल गुसाई जाखी
Thursday, July 27, 2017
सर्व शिक्षा अभियान कु बोल्ड लग्यूॅ छौ...
सर्व शिक्षा अभियान कु बोल्ड लग्यूॅ छौ
मिन इन झाणी यख शिक्षा बंटेणी च,
भितर देखी त वख, दाळ-भात खयेणी छै।।
मिन पूछी-
क्य बात च हेडमास्टर साब,
खूब घरात खलेणी च,
कै छ्वारा नामकरण च या
फिर कै मैडम कि बरात आणी च।।
हेडमास्टर-
अरे आवा-आवा गुसाॅई जी
दाळ-भात तुम भी खावा जी,
बल या त सर्व-शिक्षा च
सरकार की तरफाॅ बटी नौनू कु भिक्षा च।।
मिन बोली-
सरकार की तरफ बटी
नौनू कु भिक्षा यु ता ठीक च,
पर टेवल मा टंगड़ा पसारी बैठण,
कखकी शिक्षा च।।
हेडमास्टर-
याॅ मा मेरू क्य कसूर च
गाॅव मेरू बहुत दूर च,
आंद-आंद थकि जान्दू
याॅले आराम सी बैठी जान्दू।।
मि अपणा हि मन मा सुचणू रौ
कभी अफ थै त कभी मत्थी औळ थै कुसणू रौ,
हे माॅ या कन च तेरी लीला!
नौनू कु भविष्य ह्वे गे ठीला।।
तु अब भी मौन बैठीं छै
बीणा पकड़ी चुपचाप खड़ी छै,
अब त तेरू ही सारू च
हर नौना कू एक ही नारू च।।
मिन इन झाणी यख शिक्षा बंटेणी च,
भितर देखी त वख, दाळ-भात खयेणी छै।।
मिन पूछी-
क्य बात च हेडमास्टर साब,
खूब घरात खलेणी च,
कै छ्वारा नामकरण च या
फिर कै मैडम कि बरात आणी च।।
हेडमास्टर-
अरे आवा-आवा गुसाॅई जी
दाळ-भात तुम भी खावा जी,
बल या त सर्व-शिक्षा च
सरकार की तरफाॅ बटी नौनू कु भिक्षा च।।
मिन बोली-
सरकार की तरफ बटी
नौनू कु भिक्षा यु ता ठीक च,
पर टेवल मा टंगड़ा पसारी बैठण,
कखकी शिक्षा च।।
हेडमास्टर-
याॅ मा मेरू क्य कसूर च
गाॅव मेरू बहुत दूर च,
आंद-आंद थकि जान्दू
याॅले आराम सी बैठी जान्दू।।
मि अपणा हि मन मा सुचणू रौ
कभी अफ थै त कभी मत्थी औळ थै कुसणू रौ,
हे माॅ या कन च तेरी लीला!
नौनू कु भविष्य ह्वे गे ठीला।।
तु अब भी मौन बैठीं छै
बीणा पकड़ी चुपचाप खड़ी छै,
अब त तेरू ही सारू च
हर नौना कू एक ही नारू च।।
Saturday, July 22, 2017
Friday, July 21, 2017
Subscribe to:
Posts (Atom)

